Wednesday, April 16, 2025

कण kan definition in music in hindi

 कण 

किसी स्वर का उच्चारण करते समय उसके आगे या पीछे के स्वर को तनिक छुने या स्पर्श को कण कहते हैं। 

कण स्वर को मूल स्वर के ऊपर लिखते है। इस स्वर का प्रयोग संगीतिक रचनाओं को सजाने और संवारने के लिए होता है।

कण स्वर दो प्रकार के होते है —
1. पूर्वलगन कण  
2. अनुलगन कण

1. पूर्वलगन कण: इस कण स्वर का प्रयोग मूल स्वर से पहले किया जाता है। इसको मूल स्वर की बाईं ओर लिखा जाता है। जैसे: रे ग।

2. अनुलगन कण: इस कण स्वर का प्रयोग मूल स्वर के बाद किया जाता है। इसको मूल स्वर की दाईं ओर लिखा जाता है। जैसे: ग म।

इसके साथ राग में मधुरता आती है। ध्यान रहे, इसे गाने के लिए राग गाने की कुशलता आनी चाहिए नही तो राग बिगड़ जाता है। 

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