Monday, April 21, 2025

Gram ग्राम definition in music

 ग्राम 

ग्राम संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है गाँव। स्वर व श्रुतियाँ के रहने की जगह को ग्राम कहते है। 

संगीत रत्नाकर में पं. शारंगदेव जी लिखते है- ऐसा स्वर समूह जो मूर्च्छनाओं का आधार हो ग्राम कहलाता है।

1. षडज ग्राम: 

इसे षडज ग्राम इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह षडज (स) स्वर से आरंभ होता है। इस ग्राम में स-प, रे-ध, ग-नि, म-स में परस्पर संवाद है। 

2. मध्यम ग्राम: जब न शुद्ध स्वरो को 22 श्रुतियों पर 4-3-2-4-3-4-2 के क्रम से स्थापित किया जाता है तो मध्यम ग्राम की प्राप्ति होती है। मध्यम ग्राम में पंचम की एक श्रुति कम होकर धैवत को मिल जाती है। अतः मध्यम ग्राम में पंचम 3 श्रुतियों का रह जाता है। मध्यम ग्राम की श्रुति स्वर स्थापना —


3. गंधार ग्राम: इसका प्रयोग गंधर्व लोक में किया जाता है। भरतमुनि ने अपने नाट्यशास्त्र (उनकी पुस्तक) में इसके बारे में कुछ नहीं लिखा। यह ग्राम प्राचीनकाल में ही खत्म होने लगा था।

सारांश: आधुनिक 12 स्वरों की प्रणाली में यह व्यवस्था मेल नहीं खाती। अतः आज ग्राम की उपयोगीता खत्म हो गई है।

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