Saturday, 15 March 2025

vishnu narayana bhatkhande. पंडित विष्णु नारायण भातखंडे

 पंडित विष्णु नारायण भातखंडे

जन्म एवं शिक्षा:- इनका जन्म 10 अगस्त 1860 ईस्वी में हुआ। मुंबई के वालकेश्वर नामक स्थान पर हुआ। बचपन से ही इनको संगीत का बहुत शौक था। यह बांसुरी बहुत अच्छी बजाते थे। इन्होंने सितार बजाना भी सीखा। गायन मे भी आपको बहुत पुरानी बंदिशें याद थी। 

बी.ए.एल.एल.बी. की परीक्षा के बाद आपने कुछ समय तक वकालत की परंतु वकालत मे इनका मन नहीं लगा। उसे छोड़ कर संगीत को समाज में उच्च स्थान दिलवाने के लिए अपना पूरा जीवन ही लगा दिया। इसके लिए इन्होंने पूरे भारत की यात्राएँ की, प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन किया तथा विद्धवानो से संगीत की चर्चा की। जहाँ जो सामग्री मिली उसे प्राप्त किया। 

संगीत जगत को देन:- 

1. थाट राग पद्धति: आपने दक्षिण में प्रचलित 72 थाटों के आधार पर हिंदुस्तानी पद्धति में सभी रागों को 10 थाटों में बांटा।

2. ग्रंथ: इन्होंने संगीत पर अनेक उपयोगी पुस्तकें लिखी जिनमें से प्रमुख हैं-
(i) क्रमिक पुस्तक मालिका (6 भाग)
(ii) हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति (4 भाग)
(iii) श्री मल्लक्ष्य संगीतम 
(iv) अभिनव राग मंजरी   आदि 
इन्होंने मराठी और अंग्रेजी में अनेक पुस्तकें लिखी। 

3. स्वर लिपि पद्धति: इन्होंने संगीत की एक सर्वमान्य स्वर लिपि बनाई जो भातखंडे स्वर लिपि पद्धति के नाम से प्रचलित है। आपने अपने समय मे प्रचलित बंदिशों को स्वर लिपि बद्ध किया तथा उन्हे ‘क्रमिक पुस्तक मालिका’ के 6 भागो को इकट्ठा किया। इसके लिए आपको चोरी भी करनी पड़ी, छिपना पड़ा तथा अपमानित भी होना पड़ा। क्योंकि घरानेदार उस्ताद अपनी कला को बाहरी व्यक्तियों को नहीं देते थे। 

4. संगीत रचनाएँ: आपने चतुर पंडित के उपनाम से स्वयं ही अनेको बंदिशें रची। 

5. संगीत सम्मेलन: संगीत का जन साधारण में प्रचार करने के लिए इन्होने संगीत सम्मेलन भी करवाये। 

6. संगीत विद्यालय: आपने संगीत विद्यालयों की भी स्थापना की। जिनमें प्रमुख हैं –
(i) माधव संगीत विद्यालय 
(ii) बड़ौदा संगीत विद्यालय 
(iii) मैरिस म्यूजिक कॉलेज, लखनऊ 

7. शिष्य: आपने अनेक योग्य शिष्य भी संगीत जगत को दिए। जिनमे प्रमुख हैं – 
(i) श्री कृष्ण राजन जनकर 
(ii) राजा भैया पूंछवाले
(iii)  श्री रविन्द्र लाल राय आदि 

निधन: लकवा होने के बाद तीन साल तक बिस्तर पर रहने के बाद 10 सितंबर 1936 को आपका देहांत हो गया।  

सारांश: आपने संगीत को समाज में ऊँचा स्थान दिलवाने के लिए अपना पूरा जीवन ही लगा दिया जिसके लिए संगीत जगत आभारी रहेगा। 

No comments:

Post a Comment

Minimum Subscription – Meaning and Explanation

Q. Explain in brief Minimum Subscription. Ans. Section 39(1) of the Companies Act, 2013 provides that a company cannot allot any securities ...