Monday, 24 February 2025

Essay on Vyayam ke labh in Hindi

 व्यायाम के लाभ||Essay on Vyayam ke labh in Hindi

कहा जाता है कि इसमें ‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।’ सत्य ही है यदि शरीर स्वस्थ है तो मन भी प्रसन्न रहता है। हर कार्य स्फूर्ति और लगन से करने के लिए हम। तत्पर रहते हैं। बीमार व्यक्ति सदा तक तक सा रहता है। और वह जीवन के आनन्द से वंचित रह जाता है। अतः ठीक ही कहते है कि जान है तो जहान है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नित्य व्यायाम करना बहुत आवश्यक है। व्यक्ति चाहे कितना भी पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन क्यों न खाए जब तक वह खेले कूदे नही या व्यायाम न करे, तब तक शक्ति संवर्धन नही कर सकता । व्यायाम से मांसपेशियाँ मजबूत होती है। रक्त का प्रवाह तेज होता है, पाचन शक्ति ठीक रहती है, अस्थियां मजबूत होती है। पसीना आने से अन्नावश्यक पदार्थ शरीर से बाहर आते है, त्वचा स्वस्थ बनती है, भूख बढ़ती है तथा शरीर मे स्फूर्ति बनी रहती है। व्यायाम से शरीर ही नही मन भी पवित्र और शुद्ध बनता है। महात्मा गांधी नियमित व्यायाम पर बल देते थे। व्यायाम करने से मनुष्य दीर्घायु होता है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को नियमित व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने वाले व्यक्ति को किसी भी बीमारी का शिकार नहीं बनना पड़ता। व्यायाम के अनेक लोगों को देखकर कहा गया है –
                                            नेम से व्यायाम नित कीजिए 
                                            जीवन का सुधा रस पीजिए 

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