Wednesday, March 5, 2025

Yadi mein pradhanmantri hota essay in hindi

 यदि मैं प्रधानमंत्री होता 

प्रधानमंत्री का पद गरिमा का पद है। राष्ट्र के विकास और सुरक्षा के दायित्व का सर्वोपरि कदम है। यदि मैं प्रधानमंत्री होता तो सबसे पहले सैन्य शक्ति को मजबूत करता और नए-नए शास्त्रों का निर्माण करता। मैं असहाय और बेकारो की मदद करता। अशिक्षिता का अंत करता। अहिंसा, शांति-प्रियता और राजनीति से देश को उच्च स्थान दिलवाऊ(ँ)गा। नई शिक्षा नीति रोजगार को प्ररित करेगी। शिक्षा की समाप्ति पर युवक वर्ग को नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसी भी युवा को बेकारी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मैं अर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए कृषि को वैज्ञानिक पद्धति से बढ़ावा दूँगा। नए-नए उपकरणों, उत्तम बीज और अच्छी खाद के लिए कृषि को प्ररित करूँगा। उन्हें आर्थिक सुविधाएँ  दिलवा कर उत्पादन, उपभोग और विनिमय की व्यवस्था को परिवर्तित करूँगा। बैंक प्रणाली ओर विकसित की जाएगी। जगह जगह सहकारी बाजार और सुपर बाजारों को बढ़ावा दूँगा ताकि दैनिक आवश्यकता की वस्तुएँ प्रत्येक व्यक्ति को सुगमता के साथ प्राप्त कर सके। और पैदावार की सही कीमत मिल सके। मैं ऋण की सुविधा  दिलवाऊ(ँ)गा जिससे भ्रस्टाचार पर अंकुश लग सके। मैं प्रेम, भाईचारे, न्याय, और स्नेह से जन-जन का जीवन सुखमय बनाऊँगा। मैं देश के उत्थान के लिए साथ-2 समाज कल्याण की ओर विशेष ध्यान दूँगा। दलित वर्ग, पीड़ित, अपाहिज, असहाय बंधुओं को यथा संभव (सम्भव) सहायता प्रदान की जाएगी। विश्व में देश को ऊँचा  उठाऊंगा। यदि मेरा स्वप्न पूरा हो गया, तो मेरा देश भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा। 
                                     “मेरा भारत महान”

Monday, March 3, 2025

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay on my favourite Game in Hindi)

 मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay on my favourite Game in Hindi)

मेरा प्रिय खेल 

मानव के मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने के लिए जिस प्रकार शिक्षा की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार मनुष्य के शरीर को चुस्त, फुर्तीला तथा स्वस्थ बनाने के लिए खेल अवश्यक होते है। खेल न केवल मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा का साधन है बल्कि उसका भरपूर मनोरंजन भी करते है। खेलों से व्यक्ति में चतुराई, परस्पर सहयोग, सहनशीलता तथा पारस्परिक मुकाबले की भावना आती है। भारत में अनेक खेल खेले जाते है। यद्यपि हॉकी अधिक लोकप्रिय है। मुझ तो क्रिकेट का खेल सबसे अच्छा लगता है। क्रिकेट एक विशाल मैदान मे खेला जाता है, जिसके बीचो-बीच बाईस गज लम्बी पिच होती है। इस टीम में ग्यारह खिलाड़ी होते हैं। दो निर्णायक होते हैं जिन्हें 'अम्पायर' कहते है। मैच के शुरू में टॉस किया जाता है। जिस टीम का कप्तान जीतता है। वह निर्णय लेता है कि उसकी टीम बल्लेबाजी करेगी के गेंदबाजी। आज प्रत्येक विद्यालय, कॉलेज और महाविद्यालय की टीम क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं तथा अच्छे खिलाड़ियों को चुनकर भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। भारतीय खिलाड़ियों को चाहिए कि वह दृढ़ संकल्प तथा पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे तो निश्चय ही सफलता उनके कदम चूमेगी। जिससे देश का तथा देशवासियों का सम्मान भी बढ़ेगा। अंत में हम यह कह सकते है कि भारत में क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है तथा भारत इस खेल के बल पर विश्व मे नाम कमाएगा। 

Sunday, March 2, 2025

romanchak yatra Essay in Hindi

 रोमांचक यात्रा 

यात्रा हमारे मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन है। अपने प्रतिदिन के कार्यों से उबकर हमारी इच्छा किसी स्थान की यात्रा करने की होती है। जिस यात्रा से हमारे अंदर/अन्दर रोमांच पैदा होता है, वह रोमांचक यात्रा बन जाती है। यदि वह यात्रा पर्वतीय स्थान की हो, तो कहना ही क्या। पर्वतीय स्थान की यात्रा बहुत रोमांचक होती है। अम्बाला से वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने के लिए रेल द्वारा जम्मू तक पहुँचा जा सकता है। मेरे पिता जी ने जम्मूतवी एक्सप्रेस के वातानुकूलित कक्ष मे चार टिकट पहले से आरक्षित करवा लिए थे। मेरे माता-पिता, मै, और मेरा भाई रेलवे-स्टेशन पर गए। वहाँ बहुत भीड़ थी। यात्रा के दौरान हमने देखा कि हमारे डिब्बे मे अनेक यात्री वैष्णो देवी की पवित्र एवं धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे। हम गाड़ी के डिब्बे मे से प्राकृतिक दृश्यो का आनन्द ले रहे थे। फिर हम सबने खाना खाया। फिर अपनी सीटो पर सौ गए। सुबह होने पर खिङकी से झाँक कर देखा तो चारों ओर सुषमा खिली हुई थी। यह दृश्य देख हम सबका मन रोमांचक से भर गया। जम्मू पहुंच कर हम सबने विश्राम किया।

Thursday, February 27, 2025

Mere Jeevan Ka Lakshya Essay in Hindi: ‘मेरे जीवन का लक्ष्य’ पर निबंध

 मेरे जीवन का लक्ष्य ।। Essay on Mere Jeevan Ka Lakshya Essay in Hindi: ‘मेरे जीवन का लक्ष्य’ पर निबंध

मेरे जीवन का लक्ष्य 
पूर्व चलने की बटोही,
बाट की पहचान कर लो
जीवन एक यात्रा  है। इस यात्रा मे हर यात्री मार्ग निश्चित कर के अपने-अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है। किसी का लक्ष्य है इंजीनियर बनना, किसी का डॉक्टर, किसी का अध्यापक, किसी का नेता और किसी का अभिनेता। मै भी चाहता हूँ की मैं अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर लूँ और उसी लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर संघर्ष करूँ। मै जानता हूँ कि लक्ष्यहीन जीवन उस नाव की तरह है, जो समुद्र के थपेङो से टकरा कर भँवर मे डूब जाती है। अतः मैने तो अभी से ही अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। मै चाहता हूँ कि मै एक चिकित्सक बनूँ। देश तथा समाज की सेवा करूँ। कोई चिकित्सक जब गरीब को सांत्वना दे कर उचित परामर्श (सलाह) दे कर उसे नवजीवन प्रदान करता है, तो मेरी भी इच्छा होती है - कारा मैं भी चिकित्सक होता और देश के दरिद्र नारायण की सेवा कर सकता। अभी तो मैं अपने लक्ष्य की निचली सीढ़ी पर हूँ। परन्तु मै निरंतर प्रयत्नशील हूँ कि मै अपने लक्ष्य को प्राप्त करने मे सफल हो सकूँ। इसके लिए मुझे जी तोड़ परिश्रम करके अच्छे अंक प्राप्त करने होंगे। तभी मेरी साधना पूरी होगी। मै केवल जनता की चिकित्सा ही नही करूंगा वरण उनके पोषण तथा परिवार कल्याण के विषय मे भी उन्हे जागृत करूंगा। मै अपने आचरण मे गुणो का विकास करूँगा, जो एक सफल चिकित्सक मे होने चाहिए। मै सहानुभूति, सहनशीलता, विनम्रता, परोपकार आदि गुणो को अभी से अपनाने का प्रयास करूँगा। मुझे विश्‍वास है कि मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने मे अवश्य सफल हो जाऊँगा। मानवता की सेवा करना ही मेरा परम कर्तव्य होगा। तभी मेरा जीवन का लक्ष्य सार्थक होगा।

Cost Control – Meaning, Process and Techniques

 Q. What is meant by Cost Control ? Discuss its process and techniques.   Ans. SBP Meaning of Cost Control : Cost control is an essential co...